Indian sex story

hindi sex stories पारुल की नशीली चूत

sex stories hindi पिछली कहानी में मैंने अपनी माँ सरोजा का परिचय कराया था जिनके,  hindi sex stories   विशालकाय स्तन बहुत दुधारू हैं और मेरी किशोरावस्था की उम्र हो जाने पर भी मम्मी मुझे स्तनपान कराती हैं और मेरे खाने में भी अपना दूध मिलकर मेरा पोषण करती हैं.
एक दिन सुबह की बात है – लगभग 6 बज रहे थे. मैं बेचैनी से किचन में बैठा हुआ था और बेसब्री से माँ का इंतज़ार कर रहा था . बात ये थी कि कल शाम जब मैं खेल कर वापस आ रहा था तो मैंने एक दूधवाले को गाय दुहते हुए देखा. गाय बहुत ही मोटी-तगड़ी और विशालकाय थन वाली थी. दूधवाले ने पहले गाय के बछड़े को खोल दिया था और बछड़ा दौड़ कर गाय के थनों कि और बढ़ा और थनों को अपने मुंह में लेकर दूध चूसने लगा. पांच मिनट बाद दूधवाले ने बछड़े को गाय के थनों से अलग करके बाँध दिया. बाल्टी में पानी लेकर गाय के थनों को पोंछने लगा और फिर गाय के थनों को खींच-खींच कर दूध निकालने लगा. पहले उसने दूध से बाल्टी भरी, फिर एक जग भरा और आखिर में एक बड़ी ग्लास में दूध भर के खुद पीने लगा और बछड़े को खोल दिया. बछड़ा फिर से तेज़ी से दौड़ कर अपनी माँ के थनों के पास पहुँचा. पहली बार दूध पीते समय बछड़ा गाय के थनों को सिर्फ दबा रहा था पर इस बार, थनों में दूध कम हो जाने के कारण, थनों को जोर-जोर से खींच कर दूध पी रहा था. लगभग 10 मिनट तक दूध चूसने के बाद उसने गाय के थन छोड़ दिए.

इस गाय को देखकर बार-बार मेरे दिमाग में माँ कि तस्वीर आ रही थी. मेरी माँ भी अच्छी-खासी मोटी हैं और उनके स्तन भी बहुत विशालकाय हैं. साथ-ही-साथ माँ के स्तनों में भी अत्यधिक दूध पैदा होता है. सुबह उठकर जब माँ मुझे पहली बार दूध पिला रही होती हैं तो उनकी एक चूची को चूसकर मैं दूध पी रहा होता हूँ और दूसरी चूची को ब्रेस्ट पम्प चूसकर दूध निकाल रहा होता है.


मम्मी को ये दोनों काम बहुत पसंद हैं- मम्मी नियमित तौर पर ब्रेस्ट पम्प से अपने स्तनों का दूध निकालती हैं और मुझे दिन में 6 घंटे अपने सीने से लगाकर अपनी चूचियां चुस्वाकर दूध पिलाती थी, बिलकुल किसी गाय की तरह. ये सब सोचते समय मेरे दिमाग में ये बात घर कर गयी कि अब से माँ के स्तनों के दूध को ब्रेस्ट पम्प चूसकर नहीं निकालेगा बल्कि मैं माँ के स्तनों को खींचकर माँ का दूध दुहूँगा. पूरी रात ये ख्याल मेरे दिमाग में घूमता रहा. आधी रात को जब मम्मी गहरी नींद में सो रही थीं तो मैं किचन में गया और मैंने ब्रेस्ट पम्प की मोटर के तार काट दिए. अब कब सुबह मम्मी उठेंगी और दूध निकालने के लिए जब पम्प को अपने स्तनों से लगाएंगी और पम्प नहीं चलेगा, तो फिर माँ के स्तनों से अत्यधिक दूध निकलने के लिए मैं ….

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